राहुल गांधी के ननिहाल इटली से आई तस्वीरों ने इंटरनेट पर धूम मचा दी। ये वीडियो पूरी दुनिया में जबरदस्त ट्रेंड करने लगा। वीडियो देखकर दुनिया भर के नेताओं के चेहरे पर जहां मुस्कान आ गई वहीं राहुल गांधी इस वीडियो को देखकर गुस्से से लाल-पीले हो गए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कूटनीति का दूसरा रूप दिखाया। कूटनीति के परंपरागत ढर्रे से हट कर इसे चॉकलेटी बना दिया। मोदी ने इटली की पीएम ज्यॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी का पैकेट गिफ्ट किया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर Melodi के कैप्शन के साथ पोस्ट कर दिया।
कूटनीति की बात तो पीछे छूट गई, पूरी दुनिया में मोदी और मेलोनी की दोस्ती और मोदी के melody गिफ्ट की चर्चा शुरू हो गई। प्रधानमंत्री ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया, इस 11 सेकेंड के वीडियो ने सोशल मीडिया पर views और likes के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को 13 करोड़ से ज्यादा views और एक करोड़ से ज्यादा likes मिल चुके हैं।
मोदी और मेलोनी की आपसी अंडरस्टैंडिंग और दोस्ती को देखते हुए सोशल मीडिया पर दोनों के नाम को मिलाकर Melodi लिखा जाता है। Melodi हैशटैग कई बार सोशल मीडिया पर टॉप ट्रेंड कर चुका है। चूंकि पीएम मोदी tech savvy हैं, सोशल मीडिया और डिजिटल ट्रेंड्स को बख़ूबी समझते हैं, युवाओं से हमेशा कनेक्टेड रहते हैं और unconventional leader हैं, इसलिए इस बार मोदी ने Melodi हैशटैग को खुद आगे बढ़ा दिया। दोनों प्रधानमंत्रियों का ये वीडियो दिलचस्प है और अनौपचारिक कूटनीति की बेहतरीन मिसाल भी।
मोदी ने इटली की पीएम मेलोनी के नेतृत्व को exceptional बताया। मेलोनी को भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच ट्रेड डील कराने में मदद के लिए थैंक-यू कहा। जवाब में मेलोनी ने मोदी की तारीफ की। मेलोनी ने कहा कि उन्होंने मोदी से मेहनत करना सीखा है, मेहनत से ही सफलता मिलती है। मेलोनी 2022 में इटली की प्रधानमंत्री बनीं। उसके बाद से मोदी और मेलोनी की सात बार मुलाकात हो चुकी है। जब जब दोनों नेता मिलते हैं तो सोशल मीडिया पर छा जाते हैं। इस बार ऐसा ही हुआ।
मोदी और मेलोनी का वीडियो राहुल गांधी को बिल्कुल अच्छा नहीं लगा। अमेठी में राहुल ने कहा, देश में हाहाकार मचा मचा है, महंगाई बढ़ रही है और वहां इटली में मोदी मेलोनी को टॉफी खिला रहे हैं। रायबरेली में राहुल ने मोदी को जमकर कोसा। राहुल ने लोगों से कहा कि मोदी देश के लोगों से कहते हैं, ईंधन बचाओ, विदेश यात्रा पर मत जाओ, लेकिन खुद विदेश में घूम रहे हैं। राहुल ने लोगों से कहा, संभल जाओ, भयंकर मंहगाई आना वाली है, मोदी के भरोसे मत रहो क्योंकि जब जनता परेशान होगी तो मोदी टीवी पर आएंगे, रोएंगे और कहेंगे, उनकी इसमें कोई गलती नहीं।
राहुल गांधी ने अपनी रैलियों में वही पुराने आरोप लगाए कि मोदी ने देश को बेच दिया, सारा पैसा अडानी अंबानी को दे दिया, इसके बाद राहुल गांधी बहक गए... उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को गद्दार कह दिया। राहुल के इस बयान की हर किसी ने निंदा की। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के बारे में राहुल का बयान कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति और मोदी के प्रति नफरत का सबूत है। राहुल को देश से माफी मांगनी चाहिए।
मोदी ने मेलोनी को टॉफी क्या दे दी, राहुल का पारा आसमान पर चढ़ गया। वो यहां इतनी गर्मी में पड़े हैं और वहां मोदी मेलोनी के साथ अपनी तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं। ज़ाहिर है मेलोनी के साथ मोदी की तस्वीरें देखकर राहुल को मिर्ची लगी। आखिरकार इटली से उनका पुराना नाता है। नानी के घर में मोदी का ऐसा स्वागत देखकर उनको गुस्सा तो आएगा ही। मोदी और मेलोनी को साथ देखकर राहुल इतना बेचैन हुए कि उन्होंने मोदी को गद्दार तक कह दिया। बीजेपी वाले इतने निर्मम हैं कि राहुल का दर्द समझने के बजाए उनको मोदी के काम गिनाने लगे।
बंगाल में फंसे अभिषेक
बंगाल में सीएम शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री बनने के 10 दिन के भीतर ही वो काम कर दिया, जो ममता बनर्जी ने 12 साल से लटका रखा था। भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सिलीगुड़ी के पास चिकेन नेक में 27 किलोमीटर ज़मीन BSF को सौंप दी। गृह मंत्री अमित शाह ने बांग्लादेश सीमा के आसपास की जमीन BSF के हवाले करने के लिए ममता बनर्जी को सात खत लिखे थे, लेकिन ममता बनर्जी ने जमीन नहीं दी।
बीजेपी का दूसरा चुनावी वादा था बंगाल को लूटने वालों के खिलाफ एक्शन का। इसकी भी शुरूआत हो गई। शुरूआत भी ऊपर से हुई। ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की प्रॉपर्टी पर बुलडोजर चलाने की तैयारी है। कोलकाता नगर निगम के नोटिस अभिषेक बनर्जी की प्रॉपर्टीज़ पर चिपक गए हैं। अभिषेक बनर्जी के दो बंगलों, उनकी कंपनी के दफ्तरों समेत कुल 24 प्रॉपर्टी जांच के दायरे में हैं।
गुरुवार को कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य पुलिस को आदेश दिया कि वह अभिषेक बनर्जी के खिलाफ उस मामले में कोई कार्रवाई न करे जिसमें अभिषेक ने चुनाव प्रचार के समय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थी। हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को भी आदेश दिया कि वह कोर्ट की अनुमति के बिना विदेश य़ात्रा पर न जाएं। तृणमूल कांग्रेस बुलडोजर एक्शन के खिलाफ पूरे बंगाल में प्रोस्टेट करने वाली है। बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच टकराव की खबरें अब आती रहेंगी।
NEET: पूरे सिस्टम को बदलना ज़रूरी
नीट का पेपर लीक कराने वालों की प्रॉपर्टी पर महाराष्ट्र में बुलडोजर एक्शन की तैयारी हो रही है। RCC कोचिंग क्लासेज के मालिक शिवराज मोटेगांवकर की पुणे, बीड और नासिक में जो प्रॉप्रटी हैं, उनको लेकर नोटिस भेजा गया है। CBI को शक है कि शिवराज मोटेगांवकर का पूरा परिवार पेपर लीक के धंधे से जुड़ा है। 25 साल पहले मोटेंगावकर किराए के एक कमरे में रहता था, साइकिल पर चलता था, ट्यूशन पढ़ाकर गुजारा करता था, इसके बाद उसने कोचिंग सेंटर खोला और आज महाराष्ट्र के आठ जिलों में उसके कोचिंग सेंटर हैं जहां 40 हजार से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं।
मोटेंगावकर लातूर में एक मेडिकल कॉलेज भी बना रहा है। शिवराज मोटेंगावकर की कुल संपत्ति 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। पेपर लीक करने वाले कैमिस्ट्री के रिटायर्ड प्रोफेसर पी वी कुलकर्णी ने बीड जिले में आलीशान घर बनाया, उस पर बुलडोजर चल सकता है।
CBI पेपर लीक माफिया के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का फोकस इस बात पर है कि किसी कीमत पर 21 जून को होने वाला नीट के रीएक्जाम का पेपर लीक न हो। धर्मेन्द्र प्रधान ने केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों का साथ मीटिंग की और अफसरों से सोशल मीडिया पर नज़र रखने को कहा। NEET पेपर लीक ने कई बड़े सवाल उठाए हैं। digital encryption के जमाने में जहां blockchain-secured communication संभव है, वहां हम एक परीक्षा के पेपर को secure नहीं कर सकते।
क्या cyber security के protocol इतने कमजोर हैं कि coaching classes चलाने वाले उन्हें आराम से तोड़ सकते हैं? सच तो ये है कि कोचिंग कालेजों का नेटवर्क इतना मजबूत है कि उसने पूरी परीक्षा प्रणाली को decode कर लिया है, उसे सारी खामियां पता है, कोचिंग सेंटर चलाने वालों को ये भी पता है कि कौन बिकाऊ है। इसलिए पेपर लीक कराना अब उनके लिए बाएं हाथ का खेल है। इन लोगों ने मेडिकल शिक्षा की eligibility को मजाक बना दिया है। इसलिए सिर्फ इनका पकड़ा जाना काफी नहीं है। न जानें ऐसे कितने लोग सिस्टम में घुसे हुए बैठे हैं। परीक्षा के इस तरीके में इतने छेद हैं कि उनको भर पाना मुश्किल होगा। इसलिए इस पूरे के पूरे सिस्टम को बुनियाद से बदलने की ज़रूरत है। (रजत शर्मा)
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